बेबाक बातचीत में डा0 मन्नान ने कहा कि पचास सीटों या उससे अधिक सीटों तक उनका पहुंचना मुशिकल लग रहा है जिसकी खास वजह मीडिया का उन्हें पूरा सहयोग न मिलना है।मीडिया के सहयोग न मिल पाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस बात पर भी बहुत विस्तार से नहीं कहना चाहते हैं इतना जरूर है कि अभी हम 'एफोर्ड कर पाने की सिथति में नही हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने फिर भी विश्वास जताया है कि न तो प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी और न ही बिना पीस पार्टी के समर्थन के ही सरकार बनेगी।
चौथे चरण के मतदान तक को सिथति से खुशी से लबरेज मन्नान अपनी बेहतर सीटों को गिनाते हुए बताते हैं कि महराजगंज में सिसवा, फरेन्डा, देवरिया, में कुशीनगर में, हाटा, खडडा, खलीलाबाद, मेंहदावल, गोरखपुर में, ग्रामीण शोहरतगढ, डुमरियागंज, बलरामपुर में, उनरौला व सदर बहराइच में, मटेहरा व कैसरगंज, बाराबंकी, रामनगर, जैदपुर, कुर्सी, फैजाबाद, में खीकापुर, सुल्तानपुर में, सोनू सिंह व मोनू सिंह, रायबरेली में अखिलेश सिंह, बरछावां से लखनऊ में बख्शी का तालाब सीटे ऐसी है जहां पर अपेक्षा से अधिक मजबूती सिथति दिखायी पडी है। पड़ोसी जिले सीतापुर का जिक्र न करने पर जब उनसे पूछा तो बोले सीतापुर में महोली में अर्कवंशी तथा बिसवां में राजा भार्गव अच्छी सिथति है।
प्रदेश की सत्ता में आने का सपना संजोये डा0 मन्नान फिर एक बार से अपने सत्ता में आने की बात दोहराते हुए कहते हैं कि समर्थन तो हर हाल में किसी भी पार्टी को सत्ता में आने के लिए हमसे लेना ही होगा। आठ-दस मंत्री भी हमारे बने और मंत्रालय मिलेंगे तो हमारी कार्यप्रणाली और पारदर्शिता दिखायी देगी। अब जो मुसिलम का जुड़ाव ज्यादा दिख रहा है तब हिन्दू ही नही हर तबके का आदमी दिखेगा हमारे साथ। तब मुसिलम से ज्यादा हिन्दू जुड़ जायेगा तब इस देश की व्यवस्था में नया परिवर्तन होगा। हम ऐसी सिथति बनायेंगे कि अच्छे व पढे लिखे लोग जो राजनीति के हालात देखकर परहेज करने लगे हैं तब राजनीति में आना पसंद करेंगे। बसपा की पांच साल की सत्ता पर उन्होंने कहा कि पूरी तरह से भ्रष्टाचार लिप्त रही जहां जनता को यकीन था कि बिना पैसे दिए कोर्इ काम नहीं होगा।
पीस पार्टी में टिकट वितरण को लेकर अपनाये गये रवैये तथा उम्मीदवारों के टिकट के पत्ते लगातार फेंटने के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति और पार्टियों में यह तो चलता ही है हमारी सबसे पहली-जरूरत ऐसी टीम उम्मीदवारों की बनाने की थी जो जीतने की सिथति में है। जिताऊ उम्मीदवार के लिए अदला-बदली करनी पड़ती हे। हमारी पहली प्राथमिक्ता जीतने की हेै। जब हम जीतेंगे तभी तो पार्टी चलेगी और जब पार्टी चलेगी तभी यहां लोग होंगे और उम्मीदवार होंगे। रही बात समर्पित कार्यकर्ताओं की तो उन्हें हम सत्ता में आने के बाद सम्मान देंगे जो पद संभव होंगे वह पद देगें।
श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में पीस पार्टी के उम्मीदवार को लेकर चल रहे विवाद उन्होंने कहा कि उनके उम्मीदवार राजाराम गौतम ही हैं। राजेश गौतम के फार्म-बी को उन्होंने फर्जी बताया तथा कहा कि यहां पर चुनाव अधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिखित-पत्र को भी नजरअदांज कर दिया। निर्धारित प्रपत्र बी में तथा बाद में आये प्रपत्र बी को ही चुनाव अधिकारियों द्वारा वैध मानने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्र्रदेश में जो हो रहा है वह पीस पार्टी के खिलाफ एक षडयंत्र के रूप में हो रहा है। खीरी में बाद वाले फार्म बी को तो सिद्वार्थनगर में पहले वाले फार्म बी0 को चुनाव अधिकारियों ने वैध माना अलग-अलग जगह पर अलग-अलग पैमाने है । पैमाना पीस पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाला हो असल मंशा यह है। यही तो वजह है कि हमारे आठ प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त कर किये गये पिछले उप चुनाव मे तो हमें हमारा चुनाव निशान पंखा ही नहीं दिया गया। भाजपा से निकटता तथा अतत: उन्हें ही समर्थन देने की चर्चाओं पर डा0 मन्नान ने कहा कि एक सोचा समझा दुष्प्रचार है। असल बात तो यह है कि पीस पार्टी से सपा-बसपा, कांगे्रस के गढ उखड़ गये और यही सब मिलकर दुष्प्रचार करा रहे हैं जबकि हमारी साफ घोषणा है कि भाजपा के अतिरिक्त किसी को भी समर्थन दे सकते हैं। चार वर्ष पुरानी पीस पार्टी के एकाएक लाइम लाइट में आने और एकाएक वोट बैंक वाली पार्टी घोषित होने के बाद से कया पीस पार्टी इस चुनाव में अपनी इस सिथति को कैश करने में नही लग रही है ? इस सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कहा कि ऐसा नहीं है हर कोर्इ पार्टी सत्ता में आना चाहती है इसके लिए अच्छे जिताऊ उम्मीदवारों की जरूरत होती है और इसमें गलत भी क्या है जीतने पर ही तो पार्टी चलेगी हारने पर थोड़े ही पार्टी चलती है।
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